उर्वशी अप्सरा सिद्धि का सरल और अचूक ऋषि विधान युगों से अनेकों ऋषियों और साधकों ने अप्सराएं सिद्ध कीं। उन्हें धरती पर उतारा। उनके साथ रहे। उनकी शक्तियों/ क्षमताओं से न सिर्फ सुख सुविधाएं पायीं, बल्कि आध्यात्मिक सहयोग भी लिया। आज भी इसका ऋषि विधान सरल और अचूक माना जाता है। यह साधना किसके लिये- ● जिन्हें धन, यौवन, समृद्धि, सुख की आवश्यकता है। जो सौंदर्य की देवी के साथ रहना चाहते हैं। जो राज सुख चाहते हैं। जो ऐश्वर्य पूर्ण जीवन चाहते हैं। इसे महिला पुरुष कोई भी कर सकता है। सिद्ध अप्सरा आजीवन साथ रहती हैं। साधक का तन, मन, धन से ध्यान रखती हैं। मित्र, पत्नी या प्रेमिका की तरह बिना शर्त प्रेम व अपनापन देती हैं। महिला साधक अप्सरा को दिव्य सहेली के रूप में सिद्ध करती हैं। अप्सरा उनकी अपनेपन के साथ सहेली, बहन की तरह केयर करती हैं। धन, यौवन की इच्छाएं पूरी करती हैं। उन्हें लोक परलोक की जानकारियां देती हैं। साधिका को खुश रहने में हर क्षण तत्पर रहती हैं। साधना की ऊर्जा- सम्मोहक सफेद साधना का चक्र- स्वाधिष्ठान चक्र साधना का तत्व- जल तत्व साधना के वस्त्र- सुंदर और सफेद। कपडों...
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